नगरीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश

भोपाल 

वर्षा ऋतु के दृष्टिगत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में सम्भावित प्राकृतिक एवं आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए त्रिस्तरीय (राज्य, संभाग एवं जिला स्तर) नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किए गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा है कि अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़, जर्जर भवनों के धराशायी होने तथा वज्रपात जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कंट्रोल रूम अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित जल निकासी, प्रभावित नागरिकों के सुरक्षित विस्थापन तथा भोजन, शुद्ध पेयजल एवं चिकित्सा जैसी मूलभूत जीवनरक्षक सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

ये भी पढ़ें :  'RSS न होता तो इतने हिंदू भी न बचते', छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने आरएसएस को लेकर किया बड़ा बयान

आपदा प्रबंधन व्यवस्था को व्यावहारिक रूप देते हुए जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त आंधी-तूफान के कारण मार्ग में धराशायी हुए वृक्षों को तत्काल हटाकर यातायात को अविलंब सुचारू बनाने तथा वज्रपात से उत्पन्न आपातकालीन स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने पर विशेष बल दिया गया है। स्थापित कंट्रोल रूम मौसम विज्ञान केंद्र के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखेंगे, जिससे प्राप्त होने वाले पूर्व अनुमानों एवं चेतावनी संदेशों को संबंधित नगरीय निकायों तक समय रहते संप्रेषित किया जा सके और किसी भी संभावित आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

ये भी पढ़ें :  ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के एमओयू बाद योजना की सूत्रधार अर्चना चिटनिस ने ताप्ती तट पहुंचकर किया नमन

आपदा प्रबंधन के कुशल क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक जिले में जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी को जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी/प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिले से संबंधित परियोजना अधिकारी जिला प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर अतिवृष्टि एवं जलभराव से प्रभावित नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराएंगे। आपदा की किसी भी स्थिति में न्यूनतम प्रतिक्रिया समय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संपादित करना अनिवार्य होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बना रहे।

ये भी पढ़ें :  दुनिया इंदौर के मॉडल को अपनाएगी, स्टडी करने पहुंची वर्ल्ड बैंक की टीम

 

Share

Leave a Comment